Plumbing Pipe Fittings in Hindi [PDF]

Plumbing Pipe Fittings

Types of plumbing pipe fittings names and pictures with PDF download for ITI Plumber trade theory exam paper preparation in Hindi.

जब हम किसी भी प्रकार के पाइप  की पाइप लाइनों को लगाते है, तब उनमे कई प्रकार की फिटिंग का प्रयोग करना पड़ता है | जैसे पाइप लाइनों को जोड़ने के लिए, किसी समकोण पर उनसे दूसरी पाइप लाइन निकालने के लिए, उनके सीधे जोड़ के लिए, पानी को कण्ट्रोल करने के लिए, पाइप का किनारा बंद करने के लिए तथा पाइप लाइन को बिच में खोलने इत्यादि के लिए हमें कई प्रकार की फिटिंग प्रयोग करनी पड़ती है, जिनको हम गुड्स या स्पेशल भी कहते है | जॉब सभी प्रकार की पाइपों की लाइनों के लिए अलग-अलग से प्रयोग की जाती है |

Plumbing Pipe fittings list

1. सॉकेट (Socket): पाइप को सीधा लाइन में ले जाने के लिए तथा पाइप के दो टुकडो को सीधी अवस्था में जोड़ने के लिए हम सॉकेट का प्रयोग करते है | यह प्रत्येक पाइप के स्टैण्डर्ड के अनुसार प्रत्येक साइज़ में मिलती है और इनके अन्दर पूरी चूड़ियाँ बनी होती है, और यह दो पाइपों के ऊपर आधा-आधा चढ़ा दिया जाता है | इस जॉइंट को हम सॉकेट जॉइंट कहते है |

2. Reducer: यह सॉकेट के प्रकार का होता है | इसके अन्दर दोनों साइड में चूड़ियाँ बनी होती है | परन्तु दोनों साइडो का व्यास अलग-अलग होता है | जैसे ½” x ¾”, ½” x 1” इत्यादि | इसका एक व्यास कम होने के कारण ही, इसका प्रयोग पाइप लाइनों में सीधी जा रही पाइप लाइन का व्यास घटाने व बढ़ाने के लिए किया जाता है | इसको हम Reducer socket भी कहते है |

3. एल्बो : जैसा की इसके नाम से प्रतीत होता है की इसकी शक्ल कोहनी जैसी होती है | इसका प्रयोग पाइप लाइनों को समकोण पर मोड़ने के लिए किया जाता है | इसके दोनों किनारों के अन्दर चूड़ियाँ कटी होती है |

4. Reducer Elbow: यह एल्बो उपरलिखित एल्बो जैसी ही होती है | परन्तु इसका प्रयोग ऐसे स्थानों पर किया जाता है, जहाँ समकोण पर हमें लाइन का व्यास घटाना या बढ़ाना हो |

5. Bend: इसका प्रयोग पाइप लाइनों को Right Angle पर मोड़ने के लिए किया जाता है अर्थात जिस तरह एल्बो का प्रयोग किया जाता है, वैसे ही बैंड का प्रयोग किया जाता है | परन्तु इसके लिए ज्यादा जगह की जरूरत पड़ती है और इसके साथ दो सॉकेट भी लगाने पड़ते है, क्योंकि बैंड के दोनों किनारों के ऊपर चूड़ियाँ बनी होती है | इसलिए यह जॉइंट काफी महंगा पड़ता है ये बंद GI पाइप को मोड़कर ही बनाये जाते है |

6. Equal Tee : जैसे की इसके नाम से प्रतीत होता है की इसकी शक्ल अंग्रेजी के “T” अक्षर से मिलती जुलती होती है, अत: इसको इक्वल टी कहते है | इसका प्रयोग समकोण पर ब्रांच लाइन निकालने के लिए किया जाता है | इस टी के तीनो मुह के अन्दर चूड़ियाँ बनी होती है और तीनो मुह का एक जैसा व्यास होता है |

7. Reducer Tee: यह टी उपरलिखित टी जैसी ही होती है | परन्तु इसका प्रयोग ऐसे स्थानों पर किया जाता है, जहाँ से समकोण पर कम व्यास की लाइन निकालनी हो |

8. क्रॉस टी (Cross Tee): जैसा की इसके नाम से प्रतीत होता है यह क्रॉस में बनी हुई होती है | इस टी के चार मुह होते है और जिन के अन्दर चूड़ियाँ बनी होती है उन सभी का एक ही व्यास होता है | अत: इनका प्रयोग ऐसे स्थानों पर किया जाता है, जहाँ से एक ही स्थान से दो विपरीत दिशाओं में समकोण पर लाइनें निकालनी हो |

9. यूनियन (Union): यह सॉकेट जैसा ही सीधा पाइप लाइनों को जोड़ने के लिए एक जॉइंट होता है | परन्तु इसका यह लाभ होता है की इसको लगाने के बाद हम आवश्यकता पड़ने पर इसे खोलकर आसानी से लाइनों की मुरम्मत कर सकते है या लाइन से और पॉइंट निकाल सकते है | यह दो मुख्या भागों में बंटा होता है | इसको एक रिंग के द्वारा जोड़ा जाता है और आसानी से आवश्यकता पड़ने पर खोला व कसा जा सकता है |

10. बुश (Bush): इसके एक किनारे के ऊपर चूड़ियाँ बनी होती है | जो बड़े व्यास का होता है | दुसरे किनारे के अन्दर चूड़ियाँ बनी होती है  जो कम व्यास का होता है | इसकी आकृति 6 पहलु जैसे बनी होती है | इसका प्रयोग बड़े व्यास से कम व्यास के लिए किया जाता है | बुश के अन्दर से कम व्यास की पाइप लाइन निकाली जा सकती है, यह कई व्यास में मिलते है |

11. Nipple: यह एक पाइप का छोटा टुकड़ा होता है | इसका साइज़ 4”,6”,8” होता है, जिस के दोनों किनारों पर चूड़ियाँ बनी होती है | इसका प्रयोग स्टोरेज टैंक में या टोंटी लगाने में किया जाता है |

12. छ: कोणीय निप्पल (six corner Nipple): यह निप्पल कास्ट आयरन व स्टील की बनी होती है और 6 पहलु में होती है तथा इसके दोनों किनारों पर चूड़ियाँ बनी होती है | इसका प्रयोग 1” या 2” फासले को पूरा करने के लिए किया जाता है | अत: इसको गांठ निप्पल भी कहते है |

13. बी निप्पल (B Nipple): यह 2” या 3” लम्बी निप्पल होती है | इसके दोनों किनारों पर चूड़ियाँ बनी होती है और पाइप लाइनों में किसी फिटिंग के बाद एक या दो इंच रहे फासले को पूरा करने के लिए इस निप्पल का प्रयोग किया जाता है |

14. Full Thread/Straight Nipple: जैसा की इसके नाम से ही प्रतीत होता है की यह निप्पल सीधी होती है | इसके ऊपर एक किनारे से दुसरे किनारें तक चूड़ियाँ बनी होती है | इसका प्रयोग 1 या आधा इंच गैप को पूरा करने के लिए किया जाता है |

15. प्लग : यह वहां प्रयोग किया जाता है जहाँ से आगे लाइन को न ले जाना हो | लाइन को इसके द्वारा बंद कर दिया जाता है लेकिन इसके साथ एल्बो या सॉकेट का प्रयोग करना पड़ता है, क्योंकि इस प्लग के ऊपर चूड़ियाँ होती है |

16. कैप : जैसा की इसके नाम से प्रतीत होता है की यह cap की आकृति का होता है | इसका प्रयोग भी पाइप लाइन को बंद करने के लिए किया जाता है, इसका प्रयोग उसी प्रकार किया जाता है, जैसे बोतल के ऊपर ढक्कन का, क्योंकि इस कैप के अन्दर चूड़ियाँ होती है | अत: इसको आसानी से पाइप के ऊपर कसा जा सकता है |

17. चेक नट (Check Nut): इसके अन्दर चूड़ियाँ बनी होती है | यह हर पाइप के व्यास के अनुसार अलग-अलग व्यासों में मिलते है | इसका प्रयोग GI पाइप लाइन में लूज जॉइंट लगाने के लिए सॉकेट के साथ यूनियन की जगह किया जाता है और हाई लेवल फ्लशिंग सिस्टर्न से ओवर फ्लो लाइन निकालने के लिए भी किया जाता है |

18. फ्लैंज (Flange): यह एक गोल प्लेट होती है | इसके अन्दर एक होल होता है, जो पाइप के व्यास का होता है | इस होल के चारों तरफ चार, छ: या इससे भी अधिक सुराख़ होते है, जिनमे नटबोल्ट लगाये जाते है | इसके बड़े व्यास में प्लेट पर चूड़ियाँ कटी होती है | अत:  इसको आसानी से पाइप पर चढ़ाया जा सकता है और फ्लैंज जोड़ लगाया जा सकता है | इससे यह लाभ होता है की हम आवश्यकता पड़ने पर पाइप लाइन को आसानी से खोल सकते है |

19. Five way Tee: इस टी के पांच मुह होते है | इसका प्रयोग ऐसे स्थानों पर किया जाता है, जहाँ से हमें एक पाइप लाइन से चारों तरफ इकट्ठी लाइन निकालनी हो |

20. त्रिकोणीय एल्बो (Three way elbow): इस एल्बो के तिन मुह होते है | इसका प्रयोग ऐसे स्थानों पर किया जाता है, जहा हमें किसी पाइप लाइन के मोड़ पर तिन लाइनें निकालनी हों | कई बार इन्हें लोहे के पलंग में भी प्रयोग किया जाता है |

21. Male and Female Bend: जैसा की इस बैंड के नाम से प्रतीत होता है की इसके एक किनारें पर मेल व दुसरे किनारें पर फीमेल चूड़ियाँ बनी होती है | अत: इस बेंड के साथ एक सॉकेट लगाने की आवश्यकता पड़ती है |

22. Male and Female Elbow: जैसा की इसके नाम से पता चलता है की इसके एक किनारे पर मेल और दुसरे किनारे पर फीमेल चूड़ियाँ बनी होती है | अत: कम स्थान में में पाइप लाइन को मोड़कर वाल्व इत्यादि भी इसके साथ लगा सकते है |

23. Male and Female Tee: इसके एक किनारे पर मेल व बाकी दोनों पर फीमेल चूड़ियाँ बनी होती है | इस टी में व साधारण टी में केवल चूड़ियों का ही अंतर है |

24. Coller: यह पाइप के व्यास से कुछ बड़ा होता है | सभी व्यास के लिए अलग-अलग कॉलर बने होते है | इसकी आकृति सॉकेट जैसी होती है | परन्तु इस कॉलर के अन्दर चूड़ियाँ नहीं बनी होती है | अत: इसका प्रयोग दो प्लेन पाइपों के किनारों को जोड़ने के लिए किया जाता है |

25. फायर हाईड्रेन्ट टी (Fire Hydrant Tee): यह टी फायर हाईड्रेन्ट वाल्व के लिए पाइप लाइनों में लगाईं जाती है | इसका तीसरा मुह हमेशा दो –तिन इंच व्यास का व फ्लैंज होता है और बाकी दोनों मुहं सॉकेट, प्लेन या फ्लैंज होते है | इनका व्यास कुछ भी हो सकता है | इसके तीसरे मुह फ्लैंज के ऊपर फायर हाईड्रेन्ट वाल्व लगा दिया जाता है, जिससे हम आग लगने पर ही आवश्यकता अनुसार पानी लेते है |

26. पैडल कॉलर / फ्लैंज एवं सोकटीड टेल पीस (Puddle Coller/Flanged and Socketed Tail Piece): यह पीस एक साइड से फ्लैंज व दूसरी साइड से सोकटीड होता है | अत: हम इनका प्रयोग सोकटीड और स्पिकटीड तथा फ्लैंज पाइप लाइनों को आपस में मिलाने के लिए करते है | इसके अतिरिक्त इसका प्रयोग ओवरहेड रेजरवायर के बॉटम में लगाने के लिए भी किया जाता है | ताकि आउटलेट वर्टीकल पाइपलाइन को आसानी से जोड़ा जा सके |

27. Double Flanged Short Bend : यह बैंड दोनों तरफ से फ्लैंज होता है और इसकी लम्बाई बहूत कम होती है | इसका प्रयोग कम जगह में लाइनों को मोड़ने या ओवर हैड रेजर वायर की दिवार में लगाने के लिए किया जाता है, ताकि पाइप लाइन दिवार के साथ-साथ रह सके |

28. बैल माउथ (Bell Mouth): इसका एक मुहं फ्लैंज व दूसरा मुह घंटी जैसा होता है | इसका प्रयोग ओवर हेड रेजर वायर के इनलेट पॉइंट को लगाने के लिए ओवर हेड रेजर वायर की दिवार में फिट करके किया जाता है | ताकि ओवर हेड रेजर वायर की तली में पानी किसी एक स्थान पर न गिर कर पुरे बॉटम में बिखर कर गिरे, जिस से ओवर हेड रेजर वायर की तली में एक स्थान पर पानी का दबाव नहीं रहता है | अत: वह सुरक्षित रहता है, इसको fish tail piece भी कहते है |

29. Duck Foot Bend: इस बैंड के निचे एक एडी लगी होती है | इसका प्रयोग आमतौर पर वर्टीकल पाइप लाइनों के लिए किया जाता है और इस एडी के कारण ही यह वर्टीकल पाइप लाइन जमीन में न बैठकर सीधी खड़ी रहती है |

30. Return/V Bend: यह बैंड ऐसे स्थानों पर प्रयोग किये जाते है, जहाँ हमें एक सीधी जा रही पाइप लाइन को उसी दिशा में वापिस मोड़ना हो

31. लेटर्ल/वाई ब्रांच टी (Lateral/Y Branch Tee): इस टी का प्रयोग ऐसे स्थानों पर किया जाता है, जहाँ से हमें 1200 के कोण पर ब्रांच लाइन निकालनी हो |

32. Bull Head Tee – इस टी के बिच का मुह दोनों साइड वाले मुहों के व्यास से बड़ा होता है | अत: इसका प्रयोग ऐसे स्थानों पर किया जाता है, जहाँ से हमें मेन पाइप लाइन से एक ही साथ दो विपरीत दिशाओं में कम व्यास की पाइप लाइन निकालनी हो

33. Door Bend: जैसा की इसके नाम से प्रतीत होता है की यह एक दरवाजे वाला बैंड है | इस दरवाजे से हमें अंडरग्राउंड या ओपन रुकी हुई  पाइप लाइनों को खोलने में आसानी रहती है और कार्य करने के बाद हम इस दरवाजे को वापस बंद कर देते है | इसे सेनीट्री बैंड भी कहते है |

34. Door Junction/Door Tee: जैसा की इसके नाम से प्रतीत होता है की यह समकोण पर तिन लाइनों को मिलाने वाली Tee होती है | परन्तु इसके साथ बिच वाले मुहं की विपरीत दिशा में दरवाजा लगा होता है, जिसे हम Door कहते है | इसको लगाने से यह लाभ होता है, की पाइप लाइन रुकने पर इस दरवाजे को खोलकर पाइप लाइनों की सफाई की जा सकती है या फंसे हुए कपडे इत्यादि को यहाँ से बाहर निकाला जा सकता है

35. Cross Door Junction/Tee: यह क्रॉस टी जैसी ही होती है परन्तु इसमें एक दरवाजा लगा होता है और इसकी फिटिंग करते समय उस दरवाजे को दिवार से बाहर की तरफ रखा जाता है, ताकि पाइप लाइन रुकने पर इस दरवाजे को खोलकर लाइनों की सफाई की जा सके |

36. ‘Y’ Type Junction/T: इसकी आकृति अंग्रेजी के ‘Y’ अक्षर जैसी होती है | अत: इसका नाम ‘Y’ type junction रखा गया है | इसका प्रयोग ऐसे स्थानों पर किया जाता है, जहाँ दूसरी पाइप लाइन किसी एंगल पर आ रही हो और उसे सीधी जा रही पाइप लाइन में मिलाना हो |

37. Double ‘Y’ Type Junction: इसका प्रयोग ऐसे स्थानों पर किया जाता है, जहाँ दो तरफ से किसी एंगल में आ रही पाइप लाइनों को सीधी जा रही पाइप लाइनों में मिलाना हो |

38. Off set Bend: यह बैंड अंग्रेजी के ‘Z’ अक्षर से मिलता जुलता होता है | इनका प्रयोग ऐसे स्थानों पर किया जाता है, जहाँ कुछ दुरी पर पाइप लाइन को दिवार के अन्दर और कुछ दुरी के बाद पाइप लाइन को दिवार से बाहर रखना होता है |

39. काऊल (Cowl): यह सॉयल, वेस्ट और वेंट पाइप लाइनों के सबसे उपरी किनारे पर लगाये जाते है, ताकि पाइप लाइनों में ऊपर से कोई वस्तु न गिर सके या पक्षी ना जा सके | यह cowl दो प्रकार के होते है जैसे Slotted vent cowl और Cone cap cowl केवल इनकी बनावट में अंतर होता है |

40. Swan Neck Bend: इस बैंड की गर्दन स्वान (हंस) की तरह लम्बी होती है | इसका प्रयोग ऐसे स्थानों पर किया जाता है, जहाँ हमें पाइप लाइन को दिवार से काफी दूर करना हो या दिवार के अन्दर से पाइप लाइन बाहर करनी हो |

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